Wisdom shelf
A student should be wisdomfull.This blog is totally dedicated to Students.
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Saturday, 27 May 2017
Thursday, 18 May 2017
Ultimate 3 card-Monte
Ultimate 3 card magic tricks is a very popular among playing cards tricks.And it is because of its amazingness.The viewsers just can't even believe on their eyes.And because this trick is done by only 3 cards so its easy to apply on the table.This is type of tricks in which we use very less Resource and maze our viewers most.This is why the peoples like Card-monte.But many of us does'nt know the tricks behind this magic.
The Proffesional magicians just practice more and more thats why their hands runs like a fan.All you need to do this magic is an smart art to open the cards.
Lets start how we can perform and what materials do we need.
Materials;-
Basically the 3card monte is performed by special types of cards but in case you dont have those type of card,dont bother bout anything.You just need these cards.
1) "A" card of Heart or Diamond. (The most important card.)
2) "2" of clups and "3" of Same.
We have to modify cards like the pics.Once you have done.Hold the cards like shown in pic.2
Always hold card like this while showing the audience.But while performing the Magic we have to show the real cards.
The 3 card monte magic have a lot of parts,thats why it is not easy to learnt with the help of paragraph like this.
I am sharing a video,u all can see and learn the whole tricks and get a lot of tricks from that video.
If you like this article please let us know by dropping your comments in comment box.
Thanks a lot guys.Hope you got all whatever you wa searching for.
The Proffesional magicians just practice more and more thats why their hands runs like a fan.All you need to do this magic is an smart art to open the cards.
Lets start how we can perform and what materials do we need.
Materials;-
Basically the 3card monte is performed by special types of cards but in case you dont have those type of card,dont bother bout anything.You just need these cards.
1) "A" card of Heart or Diamond. (The most important card.)
2) "2" of clups and "3" of Same.
We have to modify cards like the pics.Once you have done.Hold the cards like shown in pic.2
Always hold card like this while showing the audience.But while performing the Magic we have to show the real cards.
The 3 card monte magic have a lot of parts,thats why it is not easy to learnt with the help of paragraph like this.
I am sharing a video,u all can see and learn the whole tricks and get a lot of tricks from that video.
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Thanks a lot guys.Hope you got all whatever you wa searching for.
Saturday, 6 May 2017
छोटी सोच
और यह करने वाले लोग मंगल ग्रह से नही आये,बल्कि हमारे आपके बीच के लोग है।
इतना सबकुछ होने के बाद भी उनको बचाने के लिए वकील भी मिल जाता है और तो और 6-7 साल ऐश से बीतने के समय भी मिल जाता है,ऐसा सिर्फ इसलिए क्यों कि अपना कानून आवश्यकता से अधिक लचीला है।
अभी भी कुछ intellectual ज्ञान रेल रहे है,की लड़की को रात में घूमना नही चाहिए,जीन्स नही पहनना चाहिए,अरे साब वो इंसान नही है क्या??
और अगर ऐसा करने से वो सुरक्षित है तो एक मिनट के लिए मान भी लेते है पर 2-3 साल की बच्ची का रेप करने वाले लोग भी यही सोसाइटी में पड़े हुए है।
अब वक्त है समझने का की समस्या लड़कियों के पहनावे में नही है तुम्हारी सोच में है, इस सोच को समाज तभी बदल सकती है जब बच्चे के पैदा होने से लेकर उसे बड़े होने तक परवरिश करते वक़्त उसकी माँ और बहन हमेशा सिखाए की एक औरत एक नारी की गरिमा क्या होती है,कभी एक औरत की अस्मिता के साथ छेड़छाड़ नही किया जाना चाहिए,वरना काल को तुम्हारी बहन और माँ के साथ भी वही होगा।
ऐसे लोगो के लिए कोई human rights नही होने चाहिए
और ऐसे लोगो को सपोर्ट करने और इनकी सोच रखने वाले टुच्चे सनकियों को ऐसी जगह भेजना चाहिए जहां इन्हें आजादी की कीमत पता चले।
इनके लिए अलग जेल या काल कोठरी बनानी चाहिए।
अगर आप हमारे विचारों से सहमत है तो comment में जरूर बताएं,इस से हमे हौसला मिलता है।
Vande mataramFriday, 5 May 2017
शहादत और सियासत
शहादत और सियासत
कोई तो सूद चुकाए, कोई तो जिम्मा ले। उस इंकलाब का जो,आज तक उधार सा है ।।
यह चंद शब्दो का संग्रह आज भारत की हालिया स्थिति को बयां कर रहा है। मेरे इस लेख का शीर्षक शहादत और सियासत क्यो है,इसे समझने के लिए पूरे लेख को अवश्य पढ़ें। आज जिस कदर देश की सरकारें निकम्मेपन का उदाहरण पेश कर रही है,एक सैनिक ही है जो दीवार की भांति एक कापुरुष पड़ोसी के क्षद्म युद्ध और कायराना हरकत से हमारी रक्षा को सदैव तत्पर है,और हम सुरक्षित महसूस कर पा रहे है। अपने भारत की यह दशा देख कर,अंग्रेजो के शासनकाल से पहले की तस्वीरे दिमाग मे आती है,जब भारत के राजा एक-से-एक सूरवीर थे पर बंटे हुए थे,और इसका फायदा खिलजी और चंगेजखान जैसे टुच्चे उठा लिया करते थे,और भारत सदैव अपने अस्तित्व को बचाने की लड़ाई अपने से कमजोर प्रतिद्वंदियों से लड़ता आ रहा है।
वही सब आज दोहराया जा रहा है,सियासत में अंधी पार्टीयां सीमा सुरक्षा के मौके पर सियासत कर रही है। सीमा सुरक्षा राजनीति का मुद्दा नही है,कम से कम इस एक मुद्दे पर सभी पार्टी एवं सम्प्रदायों को एकमत होकर निर्णय लेने की जरूरत होती है,पर नपुंसक पड़ोसी मुल्क के कायराना हमले पर जब हमारा शेर जख्मी होता है तब विपक्ष के नेताओ को सत्ताधारी पार्टी पर हमले का वक्त होता है,एक होकर जवाब देने की बजाए देश को इनका रंडिरोना देखना पड़ता है।
मुझे वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का India TV को दिया गया इंटरव्यू याद है जिसमे उन्होंने कहा था- ‘पाकिस्तान को लव लेटर लिखना बंद होना चाहिए,वो जिस भाषा मे समझे समझाना चाहिए।’ क्या साब भूल गए अपने वादों को? देश को उम्मीद है आपसे। बाकी कड़ी निंदा तो कांग्रेस भी कर लेती थी,या हम ये समझें कि आपकी कड़ी निंदा काँग्रेस की कड़ी निंदा से ज्यादा कड़ी है?? अगर ऐसा है तो ध्यान में रखियेगा साब- ‘भारत का आँचल स्वक्छ रहे हम दागी भी हो सकते है। दिल्ली अगर यूँ ही मौन रही,हम बागी भी हो सकते है। शीर्ष के नेताओं से मेरी अपील है और इस नन्ही कलम की चेतावनी भी,मोदी जी बस करो विकास बहुत हो गया,अब बाकी का विकास बाद में कर लेना,इस मुद्दे पर भी कुछ सोच लो वरना आप तो जानते हो कुर्सी 5 साल का खेल है। एक बच्चा जो फोजी बन न चाहता है,सुबह 3 बजे जाग कर दौड़ना शुरू करता है।1 इंच कद छोटा पड़ने पर उसकी भर्ती नही ली जाती,फिर ऊपर से पूरा का पूरा सिर कलम कर दिया गया,क्यो नेताओ की रक्त-धमनियों से रक्त फुट कर बाहर नही आ रहा है। इन सभी घटनाओं के बीच कुछ बातें जिनसे सुकून मिलता है वो यह है कि भारत के बहुत सारे सामान्य जन अपने-2 स्तर से जवानों का सम्मान और सहयोग करने को लेकर तत्पर है,उसका एक नमूना bharatkeveer.com साइट है ।
देश ने अगर अब उन शहीदों की शहादत का हिसाब नही मांगा और सरकार अगर अब पीछे हटी तो एक समय ऐसा भी आएगा,जब वीर माताएं अपने सिंह समान पुत्रों को भारत माँ पर मर-मिटने की इजाजत देना बन्द कर देगी। रही बात उस नपुंसक नामुराद पड़ोसी पापिस्तान की तो ए-पाकिस्तान अब तूफान ही करेगा रौशनी का फैसला अब वही दिया जलेगा जिसमे दम होगा।
वंदे मातरम–
अपने छोटे भाई की आवाज को दबाने न दें,शेयर करके जितना हो सके दूर तलक पहुचाएं,अपनी टिप्पड़ियों के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करवाएं।
शहीदों को नमन करता ये छोटा सा वीडियो जरूर देखें
Monday, 1 May 2017
Father and Sons Relationship nowadays.
एक बाप और बेटे की बेहतरीन रिलेशनशिप के लिए बहुत जरूरी है कि जब बीटा कंधे बराबर हो जाये यानी 18 वर्ष की उम्र पार कर जाए,तो बेटे को बेटे की तरह नही बल्कि एक दोस्त की तरह पेश आया जाए।ऐसा करने से आपकी घनिष्ठता बनी रहेगी और जीवन में अनावश्यक तनाव से मुक्ति मिलेगी ।
मगर आमतौर पर भारत जैसे देश में ऐसा कम ही देखने को मिलता है
आइये जानते है इसके पीछे क्या वजह हो सकती है ।-
1) तुम अभी बच्चे हो
जब बीटा जवानी की दहलीज पर पहुंचता है तो वह खुद को समझदार मानता है,लेकिन कहावत है कि बाप-बाप होता है और बेटा-बेटा, बस यही एक बात पिता जी के पुरानी सोच वाले दिमाग मे फिट हो गई होती है और अधिकांशतः पिता इस बात को अपने दिमाग से निकाल नही पाते और वह बेटे को नासमझ और बच्चा ही मानते रहते है।और यही बात बाप-बेटे की दोस्ती की राह में रोड़ा बन जाती है।
2)कब लोगे जिम्मेदारी
पता नही क्यो हर पिता को लगता है कि उनका बेटा कोई काम जिम्मेदारी सी नही करता और हर बेटे को लगता है की पाप बिना बात के हर बात में कमी निकालते हैं।
इन conditions में पिता और पुत्र को साथ बैठ कर बात करना चाहिए पर अमूमन ऐसा हो नही पाता है और इसी के चलते पिता और पुत्र के बीच पनप जाती है,एक और तकरार की स्थिति।
यह लेख आप www.3minknow.blogspot.com पर पढ़ रहे है ।
3) तुम्हारे बस का कोई काम नही है
जब कोई पुत्र किसी नये काम की पहल करता है और उस काम का उत्तरदायित्व लेता है,और ऐसे में यदि पिता कह दे :- "सोच लो,ये काम तुम्हारे बस का नही है,कही बाद में मुझे ये न कहना पड़े की मुझसे नही होगा । इस से अच्छा है अभी मना करदो ।"
यह बात कोई भी पुत्र नही चाहेगा कि उसे अपने पिता से सुनने को मिले,पुत्र ऐसे में चाहते है कि पिता उनके साथ खड़े हों,उसे हौसला और हिम्मत दें।ऐसे में जब पिता ऐसी बात करते है,तो पुत्र उनसे हिचकने लगते है और उनसे दूर होने लगते है।
4)ये है तुम्हारे दोस्त
ज्यादातर लड़को को इस दुनिया में अगर कुछ सबसे प्यारा है तो वह है उनके दोस्त,ऐसे में जब भी पिता अपने पुत्र से उसके मित्रों को लेकर खामी निकालते हैं और उनसे दूर रहने की नसीहत देते है तो यह बात पुत्र को कतई रास नही आती।
पर बाप तो आखिर बाप उन्हें समझाने का खतरा कौन मोल ले।
5)तुम्हारे पास घुमने के अलावा भी कोई काम है?
कभी कभी ऐसी स्थितियां पैदा हो जाती है जब पुत्र को लगता है कि उनके पिता जी को उसकी हर चीज से दिक्कत है। इसके पीछे अपने अपने कई वजहें है,जैसे पिता का भरोसा न दिखाना ,बेमतलब शक करना उन्हें झुंझलाने पर मजबूर करता है। ऐसे में यदि पुत्र घर के किसी काम सी बाहर गया हो और लौट के आने पर यही ताना सुनने को मिले तब तो समझो हुई महाभारत । दोस्तो यह लेख आपको कैसा लगा,हमे कमेंट करके जरूर बताएं। इससे हमारा हौसला बढ़ेगा। अगर आपको ये ब्लॉग पसंद आया हो तो इसे शेयर करें,अगले ब्लॉग में हैम जानेंगे कि पिता-पुत्र के बीच बढ़ रही दूरियों को प्यार में कैसे बदला जाए । वंदे मातरम
मगर आमतौर पर भारत जैसे देश में ऐसा कम ही देखने को मिलता है
आइये जानते है इसके पीछे क्या वजह हो सकती है ।-
1) तुम अभी बच्चे हो
जब बीटा जवानी की दहलीज पर पहुंचता है तो वह खुद को समझदार मानता है,लेकिन कहावत है कि बाप-बाप होता है और बेटा-बेटा, बस यही एक बात पिता जी के पुरानी सोच वाले दिमाग मे फिट हो गई होती है और अधिकांशतः पिता इस बात को अपने दिमाग से निकाल नही पाते और वह बेटे को नासमझ और बच्चा ही मानते रहते है।और यही बात बाप-बेटे की दोस्ती की राह में रोड़ा बन जाती है।
2)कब लोगे जिम्मेदारी
पता नही क्यो हर पिता को लगता है कि उनका बेटा कोई काम जिम्मेदारी सी नही करता और हर बेटे को लगता है की पाप बिना बात के हर बात में कमी निकालते हैं।
इन conditions में पिता और पुत्र को साथ बैठ कर बात करना चाहिए पर अमूमन ऐसा हो नही पाता है और इसी के चलते पिता और पुत्र के बीच पनप जाती है,एक और तकरार की स्थिति।
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| KYA MAE APNE PITA KA HI BETA HU |
यह लेख आप www.3minknow.blogspot.com पर पढ़ रहे है ।
3) तुम्हारे बस का कोई काम नही है
जब कोई पुत्र किसी नये काम की पहल करता है और उस काम का उत्तरदायित्व लेता है,और ऐसे में यदि पिता कह दे :- "सोच लो,ये काम तुम्हारे बस का नही है,कही बाद में मुझे ये न कहना पड़े की मुझसे नही होगा । इस से अच्छा है अभी मना करदो ।"
यह बात कोई भी पुत्र नही चाहेगा कि उसे अपने पिता से सुनने को मिले,पुत्र ऐसे में चाहते है कि पिता उनके साथ खड़े हों,उसे हौसला और हिम्मत दें।ऐसे में जब पिता ऐसी बात करते है,तो पुत्र उनसे हिचकने लगते है और उनसे दूर होने लगते है।
4)ये है तुम्हारे दोस्त
ज्यादातर लड़को को इस दुनिया में अगर कुछ सबसे प्यारा है तो वह है उनके दोस्त,ऐसे में जब भी पिता अपने पुत्र से उसके मित्रों को लेकर खामी निकालते हैं और उनसे दूर रहने की नसीहत देते है तो यह बात पुत्र को कतई रास नही आती।
पर बाप तो आखिर बाप उन्हें समझाने का खतरा कौन मोल ले।
5)तुम्हारे पास घुमने के अलावा भी कोई काम है?
कभी कभी ऐसी स्थितियां पैदा हो जाती है जब पुत्र को लगता है कि उनके पिता जी को उसकी हर चीज से दिक्कत है। इसके पीछे अपने अपने कई वजहें है,जैसे पिता का भरोसा न दिखाना ,बेमतलब शक करना उन्हें झुंझलाने पर मजबूर करता है। ऐसे में यदि पुत्र घर के किसी काम सी बाहर गया हो और लौट के आने पर यही ताना सुनने को मिले तब तो समझो हुई महाभारत । दोस्तो यह लेख आपको कैसा लगा,हमे कमेंट करके जरूर बताएं। इससे हमारा हौसला बढ़ेगा। अगर आपको ये ब्लॉग पसंद आया हो तो इसे शेयर करें,अगले ब्लॉग में हैम जानेंगे कि पिता-पुत्र के बीच बढ़ रही दूरियों को प्यार में कैसे बदला जाए । वंदे मातरम
Saturday, 29 April 2017
अगर आप शहीदों की मदद करना चाहते हैं और उनके लिए दिल मे थोड़ी सी भी जगह है तो 2 मिनट निकाल कर पूरा ब्लॉग जरूर पढ़ें,और उनके परिवार की मदद करें।
शहीदों के नाम पर पिछले कुछ दिनों से अपने समाज मे रह रहे कुछ लोग बहुत संवेदनशील बनते आये है,आवश्यकता है अब नकली संवेदनशीलता को असल मे दिखाने की ।
मै बात कर रहा हु भारत सरकार (गृह मंत्रालय) एवं अभिनेता अक्षय कुमार द्वारा की गई पहल की,जिसके तहत देश का हर नागरिक अपने क्षमता अनुसार देश के शहीदों को सीधे सहयोग कर सकता है । उसकी पूरी जानकारी और स्पस्टीकरण मै नीचे दे रहा हु।
अबतक अगर अपने सेना की कुर्बानी पर सिर्फ बोल-वचन चापें है तो अब वक्त आया है मदद करने का,अपनी क्षमता के अनुसार उनकी मदद करें और ये ब्लॉग ज्यादा से ज्यादा शेयर करें,जिस से किसी घर के शेर की कुर्बानी व्यर्थ न जाये,और वह परिवार अपनी जीविका का निर्वहन कर सके।
ये पूरी जानकारी 30-अप्रैल-2017 के हिंदुस्तान के पृष्ठ 11 से ली गई है ।आप सत्यता की जांच कर सकते है।
ऐसे कर सकते है शहीदों के परिजनों की मदद ।
शहीदों को दान देने के लिए वेबसाइट bharatkeveer.gov.in पर जाएं।होमपेज पर जाकर 'web hearts' पर क्लिक करें उसके बाद शहीदों की एक सूची दिखाई देगी।हर शहीद की फोटो पर उसकी जानकारी और शहादत का दिन लिखा होगा।जैसे ही शहीद की फोटो पर आप क्लिक करेंगे उनसे संबंधित एक पेज खुलेगा,उस पेज पर ऊपर की ओर 'i would like to contribute' पर जाकर क्लिक करें।उसके बाद आपको अपनी जानकारी जैसे नाम,ईमेल-आईडी और मोबाइल नंबर देना होगा।आपके मोबाइल पर otp आएगा।जिसे डालते ही कार्ड या नेट बैंकिंग से भुगतान का ऑप्शन दिखेगा। जहा आप दान राशि का अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड से भुगतान कर सकते हैं।
अपना दान कर के उसका स्क्रीन शॉट अपने सोशल मीडिया पर जरूर डालें,जिस से और लोगो को भी प्रेरणा मिल सके।
Source फ़ोटो संलग्न है ।
वंदे मातरम
भारत माता की जय
Sunday, 16 April 2017
Fundamental Rights of An Indian Citizen.
Fundamental Right is a charter of rights contained in Part-3 of constitution of India.It guarantee civil liberties such that all Indians can lead their livesin Peace and harmony as citizens of India.
Aliens (persons who are not citizens) are also considered in matters like equality before law.
If this blog was meaningful to you,please let us know through your precious comments.Dont Forget to share article to spread knowledge.
Aliens (persons who are not citizens) are also considered in matters like equality before law.
The six fundamental rights recognized by the Indian constitution are :
1. Right to equality : Which includes equality before law, prohibition of discrimination on grounds of religion, race, caste, gender or place of birth, and equality of opportunity in matters of employment, abolition of untouchability and abolition of titles. Right to equality is provided from Article 14 to Article 18 of Indian constitution.
2. Right to freedom: Which includes freedom of speech and expression, assembly, association or union or cooperatives, movement, residence, and right to practice any profession or occupation , right to life and liberty, protection in respect to conviction in offences and protection against arrest and detention in certain cases. Right to freedom is provided from Article 19 to 22 of constitution
3. Right against exploitation: which prohibits all forms of forced labour,child labour and traffic of human beings.It is provided under Article 23 and 24 of Indian Constitution.
4.Right to freedom of religion: which includes freedom of conscience and free proffesion,practice,and propagation of religion,freedom to manage religious affairs,freedom from certain taxes and freedom from religious instructions in certain educational institutes.Article 25 to 28 enumerates the right to freedom of religion.
5.Cultural and Educational rights:Preserve the right of any section of citizen to conserve their culture,language or script,and right of miniorities to establish and administer educational institutions of their choice.Article 29 and Article 30 of Indian constitution provides for cultural and educational rights.
6.Right to constitutional remedies: which is present for enforcement of fundamental Rights.It is provided under Article 32 of Indian constitution.
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