शहादत और सियासत
कोई तो सूद चुकाए, कोई तो जिम्मा ले। उस इंकलाब का जो,आज तक उधार सा है ।।
यह चंद शब्दो का संग्रह आज भारत की हालिया स्थिति को बयां कर रहा है। मेरे इस लेख का शीर्षक शहादत और सियासत क्यो है,इसे समझने के लिए पूरे लेख को अवश्य पढ़ें। आज जिस कदर देश की सरकारें निकम्मेपन का उदाहरण पेश कर रही है,एक सैनिक ही है जो दीवार की भांति एक कापुरुष पड़ोसी के क्षद्म युद्ध और कायराना हरकत से हमारी रक्षा को सदैव तत्पर है,और हम सुरक्षित महसूस कर पा रहे है। अपने भारत की यह दशा देख कर,अंग्रेजो के शासनकाल से पहले की तस्वीरे दिमाग मे आती है,जब भारत के राजा एक-से-एक सूरवीर थे पर बंटे हुए थे,और इसका फायदा खिलजी और चंगेजखान जैसे टुच्चे उठा लिया करते थे,और भारत सदैव अपने अस्तित्व को बचाने की लड़ाई अपने से कमजोर प्रतिद्वंदियों से लड़ता आ रहा है।
वही सब आज दोहराया जा रहा है,सियासत में अंधी पार्टीयां सीमा सुरक्षा के मौके पर सियासत कर रही है। सीमा सुरक्षा राजनीति का मुद्दा नही है,कम से कम इस एक मुद्दे पर सभी पार्टी एवं सम्प्रदायों को एकमत होकर निर्णय लेने की जरूरत होती है,पर नपुंसक पड़ोसी मुल्क के कायराना हमले पर जब हमारा शेर जख्मी होता है तब विपक्ष के नेताओ को सत्ताधारी पार्टी पर हमले का वक्त होता है,एक होकर जवाब देने की बजाए देश को इनका रंडिरोना देखना पड़ता है।
मुझे वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का India TV को दिया गया इंटरव्यू याद है जिसमे उन्होंने कहा था- ‘पाकिस्तान को लव लेटर लिखना बंद होना चाहिए,वो जिस भाषा मे समझे समझाना चाहिए।’ क्या साब भूल गए अपने वादों को? देश को उम्मीद है आपसे। बाकी कड़ी निंदा तो कांग्रेस भी कर लेती थी,या हम ये समझें कि आपकी कड़ी निंदा काँग्रेस की कड़ी निंदा से ज्यादा कड़ी है?? अगर ऐसा है तो ध्यान में रखियेगा साब- ‘भारत का आँचल स्वक्छ रहे हम दागी भी हो सकते है। दिल्ली अगर यूँ ही मौन रही,हम बागी भी हो सकते है। शीर्ष के नेताओं से मेरी अपील है और इस नन्ही कलम की चेतावनी भी,मोदी जी बस करो विकास बहुत हो गया,अब बाकी का विकास बाद में कर लेना,इस मुद्दे पर भी कुछ सोच लो वरना आप तो जानते हो कुर्सी 5 साल का खेल है। एक बच्चा जो फोजी बन न चाहता है,सुबह 3 बजे जाग कर दौड़ना शुरू करता है।1 इंच कद छोटा पड़ने पर उसकी भर्ती नही ली जाती,फिर ऊपर से पूरा का पूरा सिर कलम कर दिया गया,क्यो नेताओ की रक्त-धमनियों से रक्त फुट कर बाहर नही आ रहा है। इन सभी घटनाओं के बीच कुछ बातें जिनसे सुकून मिलता है वो यह है कि भारत के बहुत सारे सामान्य जन अपने-2 स्तर से जवानों का सम्मान और सहयोग करने को लेकर तत्पर है,उसका एक नमूना bharatkeveer.com साइट है ।
देश ने अगर अब उन शहीदों की शहादत का हिसाब नही मांगा और सरकार अगर अब पीछे हटी तो एक समय ऐसा भी आएगा,जब वीर माताएं अपने सिंह समान पुत्रों को भारत माँ पर मर-मिटने की इजाजत देना बन्द कर देगी। रही बात उस नपुंसक नामुराद पड़ोसी पापिस्तान की तो ए-पाकिस्तान अब तूफान ही करेगा रौशनी का फैसला अब वही दिया जलेगा जिसमे दम होगा।
वंदे मातरम–
अपने छोटे भाई की आवाज को दबाने न दें,शेयर करके जितना हो सके दूर तलक पहुचाएं,अपनी टिप्पड़ियों के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करवाएं।
शहीदों को नमन करता ये छोटा सा वीडियो जरूर देखें
![the-indian-army[2].jpg](https://studentself.files.wordpress.com/2017/05/the-indian-army2.jpg?w=676)
No comments:
Post a Comment