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Saturday, 15 April 2017

पहचानें खुद की ताकत

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लाइफ का मंत्र

किशोरावस्था में शारीरिक एवं मानसिक तमाम बदलाव होते है।
इससे जिंदगी पर विविध प्रकार के प्रभाव पड़ते है,ऐसे में अगर वे कुछ जरूरी बातों-आदतों के ख्याल रखे तो आत्मविस्वास के साथ जीवन जी सकते है ।

कैसे??
आइये जानते है

बहुत सारे किशोर बच्चों को लगता है कि स्नान नही करने पर भी कूल लगेंगे।बेशक इससे उन्हें हाईजीन की समस्या हो जाए।क्या आपको अच्छा लगेगा,जब कोई गंदे नाखून वाला या जिसके बालों से बदबू आती हो,वह आपके करीब आकर बैठ जाए।ऐसे में हर दिन स्नान करना ही फायदेमंद है।इसके अलावा ,नियमित अंतराल पर अपने नाखूनों को ट्रिम एवं साफ करते रहना चाहिए ।दांतो की सफाई भी बहुत जरूरी है।इसी प्रकार साफ तौलिये एवं हेयर-ब्रश का ही इस्तेमाल करना चाहिए।

सही होनी चाहिए चाल

अक्सर हम देखते है कि बच्चे चलते वक़्त ध्यान नही देते है कि उनका पॉस्चर सही है या नही।इस बात का ख्याल रखना होगा।जब भी चलें,आपकी ठुड्डी जमीन के समाननंतर होनी चाहिए।
नजर सामने रहे,न कि नीचे देखते रहें।आगे झुककर चलना,कंधे झुकाकर खड़े होने या चलने से आपकी कमजोरी झलकती है।


दोस्तो का सर्किल हो पॉज़िटिव

यह सभी जानते है कि किशोर उम्र में अपने दोस्तों से कितना लगाव होता है।उनके साथ अधिक से अधिक समय बिताना चाहते है।अपने सीक्रेट्स शेयर करते है।ऐसा भी देखा गया है कि आप जिस तरह के लोगो से घिरे हुए है,आपके व्यक्तित्व पर उसका गहरा प्रभाव पड़ता है।इसलिए कोशिश करें कि दोस्तो का समूह पॉजिटिव हो।अंग्रेजी में कहा गया है कि

Never make friendship with uninspired person.

दूसरों से तुलना करने से बचें

कोई इंसान परफेक्ट नही होता।हर किसी की अपनी ताकत एवं कमिया होती हैं।अपनी खूबियों को स्वीकार करें।दूसरों से खुद की तुलना न करें।अपनी ताकत को और धार दें,जो आपको दूसरों से अलग बनाएगा।इसके अलावा कभी भी खुद पर भरोसा करना न छोड़ें।

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